सफर ख्वाबों का........

मासूम ख्वाहिशें खुद से खुदा से

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हमने सुना है: मौसम के साथ-साथ

Posted On: 2 Aug, 2011 में

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जो दिल में हो वैसी लगन

ये हमने सुना है

देर से ही सही मिल जाता है

जिसको चुना है

————summer

जेठ की दुपहरी में अलसाई

अमराईयों में

कूकती कोयल की गूँज

तन्हाईयों में

एक छोटा सा ख़्वाब है

उसे बुना है

————

monsoon

सावन की भिगोती झड़ी खुले

आसमां के नीचे

सरगोशी करती हवा चली आती

है पीछे-पीछे

ये वक्ते फ़िराक जो है क्या मेरे

लिए बना है

————winter

पूस की कंपकंपाती ठंडी लंबी

काली रातें

वो दरो दीवारों और छतों से होती

मेरी बातें

रोने को दिल होता है मगर

रोना मना है

————

जो दिल में हो वैसी लगन

ये हमने सुना है

देर से ही सही मिल जाता है

जिसको चुना है



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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shwetamisra के द्वारा
February 7, 2013

गागर में सागर ……….लिखती रहिये ………..

malkeet singh jeet के द्वारा
August 30, 2011

बहुत बढ़िया भाव दिए है नंदिनी जी जो दिल में हो वैसी लगन ये हमने सुना है देर से ही सही मिल जाता है जिसको चुना है जहाँ आस व्ही वास ये तो कुदरत का नियम है ही

abodhbaalak के द्वारा
August 25, 2011

क्या बात है नंदिनी जी, बहुत सुन्दर, कम शब्द में भी आपने ……….. ऐसे हि८ लिखती रहें http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    div81 के द्वारा
    August 30, 2011

    बहुत बहुत शुक्रिया अबोध जी,  इस कला में तो आप माहिर है अबोध जी कम शब्द ही नहीं अधूरे शब्दों में आप ………………..  शायद आप ही से प्रेरणा मिल …………….. अब इसे भेडचाल न कहियेगा :) एक बार फिर से आप का बहुत बहुत शुक्रिया

rahulpriyadarshi के द्वारा
August 19, 2011

संक्षिप्त शब्दावली में कम से कम शब्दों का प्रयोग कर चित्रों के माध्यम से आपने इस कविता को प्रभावी बना दिया है.कविता के अंत में जो सकारात्मक सोच उभर कर आती है,इसे और उत्कृष्ट बनाती है.बहुत अच्छी प्रस्तुति.

    div81 के द्वारा
    August 30, 2011

    राहुल प्रियदर्शी जी, आपके प्रोत्साहन से और भी अच्छा करने का जज़्बा बना है| आपका बहुत शुक्रिया|

alkargupta1 के द्वारा
August 4, 2011

नंदिनी जी , आपने सभी ऋतुओं का सुन्दर चित्रों के साथ बड़ी ही सुन्दरता के साथ चित्रण किया है ! बहुत ही बढ़िया !

    नंदिनी के द्वारा
    August 4, 2011

    अलका जी, आपसे सराहना पाकर बहुत ख़ुशी हुई| इसी तरह से मार्गदर्शन और प्रोत्साहन करते रहें| धन्यवाद सहित,

chaatak के द्वारा
August 3, 2011

क्या बात है! चित्रों और शब्दों का ऐसा समायोजन बहुत खूब!

    नंदिनी के द्वारा
    August 4, 2011

    प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत शुक्रिया चातक जी..| :-)


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